Famous Quotations

महान विचारकों के महान कथन

77 Posts

4 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 11961 postid : 84

झूमो नाचो और गाओ बैसाखी है यारों: बैसाखी पर खास

Posted On: 13 Apr, 2013 मस्ती मालगाड़ी में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

धरती के आँचल में
सजी हैं स्वर्ण रश्मियाँ
खेतों में आज
बिखरा है सोना
जिसे देख कर महका
कृषक मन का कोना-कोना

किया धरती ने सोलह श्रृंगार
चमचमाते नयन बार-बार

धानी चूनर में मोती सजे हैं
ढोल ताशे और बाजे बजे हैं
दिल की वीणा के झंकृत हैं तार
झूमें गाए है मन बार-बार
हुए आँखों के सपने साकार
फिर से जागी उम्मीदें हज़ार

अब प्रिया भी हुई है उदार
लेके आए वो सोने का हार
उनके गालों की रंगत जो देखूँ
बिन पिए ही चढे है खुमार
तेरी पूरी करूँ हर तमन्ना
दे- दे मुझको तू बाँहों के हार

आज दिल में उमंगें वो छाई
देखा नयनों में उनकी जो प्यार
आओ झूमें नाचें और गाएँ
रोज आती नहीं ये बहार




Tags:           

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran